Lok Chand Gupta
Published: Aug 19 | Updated: Aug 20

  • ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ (जेएसए-सीटीआर) 2025 2025-2026 अभियान के लिए देश के 148 उच्च फोकस वाले जिलों के लिए 148 केंद्रीय नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।
  • इसमें सीजीडब्लूबी द्वारा पहचाने गए देश 148 जिलों पर विशेष ध्यान केंद्र्रित करते हुए जमीनी स्तर पर गहरी भागीदारी, अंतर-क्षेत्रीय तालमेल और अभिनव वित्तपोषण तंत्रों पर जोर दिया गया है।
  • जेएसए-सीटीआर 2025 में राजस्थान के 29 जिलों को शामिल किया गया है।
    • अर्थात में राजस्थान में अतिदोहन वाले क्षेत्र 29 हैं।
  • जल शक्ति अभियान: कैच द रेन-2025 में शामिल राजस्थान के जिले निम्नवत हैं-
  • अजमेर, अलवर, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चुरू, दौसा, धौलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझनू, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर।
    • जेएसए-सीटीआर 2025 को ‘जल संचय जन भागीदारी: जन जागरूकता की ओर’ थीम के साथ लॉन्च किया गया है।
    • जल शक्ति मंत्रालय ने वर्ष 2019 में देश के 256 जल-संकटग्रस्त जिलों में एक समयबद्ध, मिशन-मोड जल संरक्षण अभियान के रूप में ‘जल शक्ति अभियान’ (जेएसए) शुरू किया गया था।
    • प्रधानमंत्री ने 2021 में ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ (जेएसए-सीटीआर) को ‘कैच द रेन – वेयर इट फॉल्स व्हेन इट फॉल्स’ टैगलाइन के साथ लॉन्च किया था।
    • 2023 जेएसए-सीटीआर की थीम ‘पेयजल के लिए स्रोत स्थिरता’ थी।
    • जेएसए-सीटीआर 2024 अभियान की थीम ‘नारी शक्ति से जल शक्ति’ थी।