Lok Chand Gupta
Published: Aug 21 | Updated: Aug 22

  • देश की संसद ने ‘भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025’ पारित कर दिया है।
    • इसे लोकसभा द्वारा 12 अगस्त, 2025 को तथा राज्यसभा द्वारा 18 अगस्त, 2025 को पारित किया गया।
  • संसद द्वारा पारित यह विधेयक 1908 के भारतीय बंदरगाह अधिनियम का स्थान लेगा।

विधेयक के प्रमुख प्रावधान

  • एमएसडीसी : विधेयक में केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्र और तटीय राज्यों के बीच समन्वय के लिए एक वैधानिक परामर्शदात्री निकाय के रूप में ‘समुद्र्री राज्य विकास परिषद’ (Maritime State Development Council-MSDC) की स्थापना का प्रावधान है।
    • ‘एमएसडीसी’ एकीकृत पत्तन विकास सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना तैयार करेगा।
  • राज्य समुद्री बोर्ड : तटीय राज्यों को ‘राज्य समुद्री बोर्ड’ (State Maritime Boards) स्थापित करने का अधिकार दिया जाएगा, जिससे भारत के 12 प्रमुख और 200 से अधिक गैर-प्रमुख पत्तनों में एक समान और पारदर्शी शासन सुनिश्चित होगा।
  • विवाद समाधान समिति : विधेयक के तहत समयबद्ध तरीके से क्षेत्र-विशिष्ट समाधान प्रदान करने के लिए ‘विवाद समाधान समितियों’ (Dispute Resolution Committees) का भी गठन किया जाएगा।
  • विधेयक में ‘एमएआरपीओएल’ (MARPOL) और ‘बालस्ट जल प्रबंधन’ (Ballast Water Management) जैसे अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलनों के अनुपालन को अनिवार्य बनाया गया है।