Lok Chand Gupta
Published: Jul 12 | Updated: Jul 15

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना’ से अब तक 43 लाख से अधिक रोगियों को Rs 5 हजार करोड़ से अधिक का नि:शुल्क उपचार प्राप्त हो चुका है।
  • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह राजकीय क्षेत्र की पहली ऐसी योजना है, जिसमें सामान्य बीमारी से लेकर रोबोटिक सर्जरी, एलौपैथी से लेकर आयुष पद्धति तक उपचार के पैकेज शामिल हैं।

सम्बन्धित महत्वपूर्ण तथ्य

  • पूर्ववर्ती सरकार में संचालित योजना में लगभग 1800 पैकेज थे, जिन्हें नई योजना में बढ़ाकर लगभग 2300 कर दिया गया है।
  • योजना में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए 73 डेकेयर पैकेज एवं 419 पीडियाट्रिक पैकेज शामिल किए हैं।
  • वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा की अनुपालना में योजना में रोबोटिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी एण्ड स्किन ट्रांसप्लांट, कार्डियोथोरेसिक एण्ड वेस्कुलर सर्जरी के पैकेज, 70 वर्ष से अधिक के लोगों के लिए जीरियाट्रिक केयर पैकेज, विशेष योग्यजनों के लिए नए पैकेज, किशोरों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के लिए पैकेज, ओरल कैंसर तथा आयुष पद्धतियों से इलाज के लिए नए पैकेज जोड़े गए हैं।
  • प्रदेश के 11 दूरस्थ, दुर्गम एवं पिछड़े हुए जिलों एवं 27 आकांक्षी ब्लॉक्स हेतु एम्पेनलमेंट नियम सरल किये गये हैं।
  • पैकेज दरों में संशोधन कर नए पैकेज 30 जनवरी, 2025 से लागू किये गये हैं।
  • योजना के लिए धन की कमी को दूर करने के लिए इस योजना के लिए Rs 3500 करोड़ का कोष भी गठित किया गया है।
  • मा योजना के दायरे को बढ़ाने के लिए इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू कर दी गई है।
  • वर्तमान में योजना के तहत इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी प्रारंभ हो चुकी है और शीघ्र ही आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी प्रारंभ होगी। इससे बाहर के मरीज राजस्थान आकर और राजस्थान के मरीज दूसरे राज्यों में जाकर इलाज ले सकेंगे।
  • प्रथम चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी लागू कर दी गई है, जिससे बाहर के मरीज राजस्थान में आकर इलाज ले पा रहे हैं।