Lok Chand Gupta
Published: Aug 8 | Updated: Aug 12

  • संस्कृत शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार की ओर से ‘राज्य स्तरीय संस्कृत विद्वतजन सम्मान समारोह’ नगर निगम उदयपुर के सुखाड़िया रंगमंच सभागार में 7 अगस्त, 2025 को आयोजित किया गया।
    • उदयपुर में यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया।
  • राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में कुल 56 सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

प्रमुख चार वर्गों में सम्मानित विद्वान

  • संस्कृत साधना शिखर सम्मान : इस वर्ष 2025 का ‘संस्कृत साधना शिखर सम्मान’ चित्तौड़गढ़ के कैलाश चंद्र मूंदड़ा को प्रदान किया गया।
    • कैलाशचंद्र ने कल्लाजी महाराज के नाम से वर्ष 2002 में शोध संस्थान-वेदपीठ की स्थापना की।
    • उन्होंने वर्ष 2018 में निंबाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) में कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय भी स्थापित किया।
  • संस्कृत साधना सम्मान (दो) : प्रो वाई एस रमेश (जयपुर) व प्रो मूलचंद (चुरू)।
  • संस्कृत विद्वत सम्मान (सात) : भगवती सुखवाल (उदयपुर), नाथूलाल सुमन (जयपुर), लता श्रीमाली (जयपुर), चंद्र्रशेखर शर्मा (टोंक), मनीषी लालस (जयपुर), कौशल तिवारी (बारां) और फिरोज (जयपुर)।
  • संस्कृत युवा प्रतिभा पुरस्कार (11): प्रियंका खंडेलवाल (बारां), नाथू सिंह मीणा (जयपुर), मूलचंद महावर (सवाई माधोपुर), कानाराम जाट (जयपुर), पंकज मरमठ (उदयपुर), पंकज शर्मा (जयपुर), श्याम सुंदर पारीक (टोंक), रतन सिंह शेखावत (झुंझुनूं), डॉ. आराधना व्यास (जयपुर), अग्निमित्र शास्त्री (कोटा) तथा स्वामी राजेंद्र्र पुरी (जोधपुर)।
  • पुरस्कार राशि : संस्कृत साधना शिखर सम्मान के लिए Rs 1 लाख, संस्कृत साधना सम्मान के लिए Rs 51 हजार (प्रत्येक को), संस्कृत विद्वत्सम्मान हेतु Rs 31 हजार (प्रत्येक को) तथा संस्कृत युवा प्रतिभा पुरस्कार के हेतु Rs 21 हजार (प्रत्येक को) की राशि की पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई।
  • इसके अतिरिक्त मंत्रालयिक सेवा सम्मान तथा विभिन्न अकादमिक स्तर के विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।