हाल ही में, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने राजस्थान के कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य (Kumbhalgarh Wildlife Sanctuary) के आसपास के क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर इको-सेंसिटिव ज़ोन (Eco-Sensitive Zone – ESZ) घोषित करने की अधिसूचना जारी की है। इसका उद्देश्य अरावली पर्वतमाला की नाजुक पारिस्थितिकी और जैव विविधता का संरक्षण करना है।
इको-सेंसिटिव ज़ोन का दायरा
- इस अधिसूचना के तहत अभयारण्य की सीमा के चारो और 0 से 1 किलोमीटर तक के क्षेत्र को इको-सेंसिटिव ज़ोन घोषित किया गया है।
- इस ज़ोन का कुल क्षेत्रफल लगभग 243 वर्ग किलोमीटर है।
प्रभावित जिले और गाँव
- यह क्षेत्र राजस्थान के तीन जिलों में फैला है: राजसमंद, पाली और उदयपुर।
- इन तीनों जिलों के कुल 94 गाँव इस इको-सेंसिटिव ज़ोन के दायरे में आएंगे।
प्रतिबंधित गतिविधियां
इस क्षेत्र में निम्नलिखित गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है:
- सभी प्रकार का वाणिज्यिक खनन (Commercial Mining), पत्थर तोड़ना (Stone Quarrying) और क्रशिंग इकाइयां।
- नई प्रदूषणकारी उद्योगों और ईंट-भट्टों (Brick Kilns) की स्थापना।
- अभयारण्य की सीमा से 1 किलोमीटर के भीतर नए होटल और रिसॉर्ट का निर्माण।
- बड़े जलविद्युत परियोजनाएं (Hydroelectric projects)।
विनियमित और प्रचारित गतिविधियां
- राज्य सरकार को अधिसूचना जारी होने के दो वर्षों के भीतर स्थानीय लोगों के परामर्श से एक आंचलिक मास्टर प्लान (Zonal Master Plan) तैयार करना होगा।
- जैविक खेती (Organic Farming), वर्षा जल संचयन, कृषि वानिकी और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के बारे में
- स्थान: कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य – राजसमंद ज़िला, अरावली पर्वत श्रृंखला, राजस्थान।
- कुल क्षेत्रफल (अभयारण्य): लगभग 5 वर्ग किमी।
- प्रमुख प्रजातियाँ: तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा, जंगल बिल्ली, भारतीय पैंगोलिन, नीलगाय, जंगली सूअर, चिंकारा आदि।
- पक्षी: पेंटेड फ्रैंकोलिन समेत कई महत्वपूर्ण पक्षी प्रजातियाँ।
- बनास नदी (Banas River) का उद्गम कुम्बलगढ़ के पास खमनोर की पहाड़ियों से होता है, जो आगे प्रवाहित होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
ESZ क्या होता है?
- ESZ का फुल फॉर्म Eco‑Sensitive Zone / Ecologically Sensitive Zone है।
- यह ऐसे क्षेत्र होते हैं जो किसी संरक्षित क्षेत्र (राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य आदि) के आसपास बनाए जाते हैं, ताकि वहाँ की प्रकृति, जंगल, जानवर और पर्यावरण को अतिरिक्त सुरक्षा मिल सके।
- ESZ की सीमा आमतौर पर संरक्षित क्षेत्र की सीमा से कुछ दूरी तक (अक्सर 0–10 किमी के बीच) रखी जाती है, लेकिन यह हर जगह एक‑जैसी नहीं होती; क्षेत्र की ज़रूरत के अनुसार बदली जा सकती है।
अभ्यास प्रश्नोत्तरी
- प्रश्न: हाल ही में किस वन्यजीव अभयारण्य के चारों ओर 1 किमी के क्षेत्र को इको-सेंसिटिव ज़ोन घोषित किया गया है?
उत्तर: कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य (राजस्थान)।
- प्रश्न: कुंभलगढ़ इको-सेंसिटिव ज़ोन में राजस्थान के कौन से जिले शामिल हैं?
उत्तर: राजसमंद, पाली और उदयपुर।
No quiz selected.