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Published: Mar 30 | Updated: Mar 30

संक्षिप्त सार: हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (UN) के ‘प्रवासी जंगली जानवरों के संरक्षण पर कन्वेंशन’ (CMS) के तहत ‘स्टेपी ईगल’ (Steppe Eagle) नामक लुप्तप्राय पक्षी के संरक्षण के लिए “ग्लोबल एक्शन प्लान (2026-2035)” को मंजूरी दी गई है। इस वैश्विक योजना में भारत के 13 स्थानों को चुना गया है, जिनमें राजस्थान के दो प्रमुख पक्षी आवास— बीकानेर का जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व और जैसलमेर का डेजर्ट नेशनल पार्क— शामिल हैं। यह कदम राजस्थान को इस दुर्लभ प्रवासी पक्षी के एक नए और सुरक्षित शीतकालीन प्रवास स्थल के रूप में वैश्विक पहचान दिलाता है। यह निर्णय ब्राज़ील के कैंपो ग्रांडे में 23-29 मार्च, 2026 को आयोजित CMS COP15 में लिया गया।

‘स्टेपी ईगल’ (Steppe Eagle) क्या है?

  • वैज्ञानिक नाम: Aquila nipalensis।
  • प्रजाति: यह एक विशाल प्रवासी शिकारी पक्षी (raptor) है, जो मुख्य रूप से कजाकिस्तान, रूस और मंगोलिया के खुले घास के मैदानों (steppes) में प्रजनन करता है।
  • संरक्षण स्थिति (Conservation Status): इसकी तेजी से घटती आबादी के कारण इसे IUCN की रेड लिस्ट में लुप्तप्राय‘ (Endangered) श्रेणी में रखा गया है। यह CMS (Convention on Migratory Species) के परिशिष्ट I और II में भी सूचीबद्ध है।

राजस्थान का महत्व और नया प्रवास स्थल

  • प्रवास मार्ग में बदलाव: आमतौर पर ये पक्षी मध्य पूर्व (ईरान, इराक) होते हुए अफ्रीका और दक्षिण एशिया आते हैं। लेकिन मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों और अस्थिरता के कारण, इन पक्षियों ने अपना मार्ग पूर्व की ओर मोड़ लिया है और वे भारत के थार मरुस्थल की ओर आ रहे हैं।
  • प्रमुख स्थल: हाल के सर्दियों के सर्वेक्षणों में बीकानेर के जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व (Jorbeer Conservation Reserve) और जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क (Desert National Park) में 2,000 से अधिक स्टेपी ईगल देखे गए हैं।
  • जोड़बीड़ का आकर्षण: जोड़बीड़ लंबे समय से गिद्धों (Vultures) के लिए दक्षिण एशिया के सबसे बड़े आश्रय स्थलों में से एक रहा है। यहाँ मृत पशुओं के शवों की आसान उपलब्धता इन मृतभक्षी (scavenging) पक्षियों को प्रचुर भोजन प्रदान करती है।

ग्लोबल एक्शन प्लान (2026-2035)

  • यह योजना सेंट्रल एशियन फ्लाईवे (Central Asian Flyway) के अंतर्गत आती है, जिसमें 62 देश शामिल हैं।
  • इस योजना का हालिया विकास ब्राजील में आयोजित CMS COP15 (Conference of Parties) के दौरान किया गया।

स्टेपी ईगल के लिए प्रमुख खतरे

  • विद्युत लाइनों से टकराव (Electrocution): हाई-टेंशन तारों से टकराना इनकी मृत्यु का बड़ा कारण है।
  • पशु चिकित्सा दवाएं (विषाक्तता): पशुओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दर्द निवारक दवा डिक्लोफेनाक (Diclofenac) इनके लिए बेहद जानलेवा है (जैसे यह गिद्धों के लिए है)।
  • आवास का नुकसान: घास के मैदानों का कृषि भूमि में बदलना।

अभ्यास प्रश्नोत्तरी

1. हाल ही में 'स्टेपी ईगल' के संरक्षण के लिए घोषित ग्लोबल एक्शन प्लान (2026-2035) में राजस्थान के किन दो स्थानों को शामिल किया गया है?

[A] रणथंभौर और सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान
[B] केवलादेव नेशनल पार्क और कुंभलगढ़
[C] जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व और डेजर्ट नेशनल पार्क
[D] मुकुंदरा हिल्स और ताल छापर अभयारण्य

Correct Answer: जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व और डेजर्ट नेशनल पार्क
Notes: स्टेपी ईगल के संरक्षण के लिए CMS के ग्लोबल एक्शन प्लान में भारत के 13 स्थानों को चिह्नित किया गया है, जिनमें राजस्थान के बीकानेर स्थित 'जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व' और जैसलमेर स्थित 'डेजर्ट नेशनल पार्क' शामिल हैं। हाल ही में यहाँ 2000 से अधिक स्टेपी ईगल देखे गए हैं।
2. प्रवासी पक्षी 'स्टेपी ईगल' (Steppe Eagle) की IUCN (अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ) रेड लिस्ट में क्या स्थिति है?

[A] कम से कम चिंताजनक (Least Concern)
[B] सुभेद्य (Vulnerable)
[C] गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered)
[D] लुप्तप्राय (Endangered)

Correct Answer: लुप्तप्राय (Endangered)
Notes: स्टेपी ईगल की वैश्विक आबादी में अत्यधिक गिरावट के कारण, इसे IUCN रेड लिस्ट में 'लुप्तप्राय' (Endangered) प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
3. राजस्थान का 'जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व', जो हाल ही में स्टेपी ईगल के प्रवास के कारण चर्चा में रहा, किस जिले में स्थित है?

[A] बाड़मेर
[B] बीकानेर
[C] जैसलमेर
[D] जोधपुर

Correct Answer: बीकानेर
Notes: जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व राजस्थान के बीकानेर शहर के बाहरी इलाके में स्थित है। यह स्थान मृत पशुओं के डंपिंग ग्राउंड के कारण गिद्धों और चील जैसे मृतभक्षी पक्षियों का एक महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध पारिस्थितिक तंत्र बन गया है।
4. स्टेपी ईगल और गिद्धों जैसे मृतभक्षी (Scavenging) पक्षियों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण पशु चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली कौनसी दवा है?

[A] पैरासिटामोल (Paracetamol)
[B] एस्पिरिन (Aspirin)
[C] डिक्लोफेनाक (Diclofenac)
[D] इबुप्रोफेन (Ibuprofen)

Correct Answer: डिक्लोफेनाक (Diclofenac)
Notes: डिक्लोफेनाक (Diclofenac) एक नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा (NSAID) है। जब पक्षी इस दवा से उपचारित मृत पशुओं का मांस खाते हैं, तो उनकी किडनी (गुर्दे) फेल हो जाती है। यह गिद्धों और स्टेपी ईगल दोनों की मृत्यु का एक बड़ा कारण है।