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Published: Apr 27 | Updated: Apr 27

भारत के मशहूर Photojournalist और जिन्हें ‘आजाद भारत के विजुअल रिकॉर्ड’ के नाम से जाना जाता था, उन रघु राय का 26 अप्रैल 2026 को 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने अपने कैमरे के माध्यम से भारतीय इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को दुनिया के सामने पेश किया। उनका जाना भारतीय पत्रकारिता और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति (Irreparable Loss) है।

प्रारंभिक जीवन और करियर की शुरुआत (Early Life & Career)

  • रघु राय का जन्म 1942 में झंग (अब पाकिस्तान) में हुआ था।
  • शिक्षा के क्षेत्र में वे एक Civil Engineer थे, लेकिन 1965 में उन्होंने फोटोग्राफी को अपना करियर चुना।
  • उनकी पहली ही तस्वीर लंदन टाइम्स में आधे पन्ने पर छपी थी, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण थी।
  • वे 1966 में स्टेट्समैन समाचार पत्र से जुड़े।
  • इसके बाद 1982 से 1992 तक उन्होंने इंडिया टुडे के Photography Director के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां (International Achievements)

  • 1977 में प्रसिद्ध फ्रांसीसी फोटोग्राफर हेनरी कार्टियरब्रेसन ने उन्हें दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फोटोग्राफी संगठन मैग्नम फोटोज‘ (Magnum Photos) के लिए नॉमिनेट किया था।
  • उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकेडेमी डेस बीक्स आर्ट्स फोटोग्राफी अवार्डविलियम क्लैन (2019) से भी सम्मानित किया गया।

ऐतिहासिक घटनाएं जिन्हें कैमरे में कैद किया (Major Historical Events)

रघु राय ने अपने करियर में कई ऐसी तस्वीरें खींचीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं:

  • बांग्लादेश मुक्ति संग्राम (1971): उन्होंने युद्ध के दौरान भारत आए शरणार्थियों की मार्मिक तस्वीरें खींचीं, जिन्होंने दुनिया को युद्ध की भयावहता दिखाई।
  • भोपाल गैस त्रासदी (1984): उन्होंने इस औद्योगिक आपदा की सबसे प्रसिद्ध और मार्मिक तस्वीर बरियल ऑफ एन अननोन चाइल्ड‘ (Burial of an unknown child) खींची थी। यह तस्वीर आज भी उस त्रासदी के दर्द का प्रतीक मानी जाती है।

प्रमुख हस्तियां और चर्चित पुस्तकें (Personalities & Books)

  • उन्होंने मदर टेरेसा, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और दलाई लामा जैसी महान हस्तियों के साथ करीब से काम किया और उनकी बेहतरीन तस्वीरें लीं।
  • दलाई लामा पर उन्होंने गॉड इन एग्जाइल‘ (A God in Exile) नामक एक बेहद चर्चित किताब लिखी।
  • उन्होंने अपने जीवन में कुल 57 किताबें लिखीं, जिनमें ताजमहल, खजुराहो, और सिख्स प्रमुख हैं।

सम्मान और पुरस्कार (Awards & Honors)

  • पद्मश्री (1972): बांग्लादेश युद्ध के दौरान उनकी उत्कृष्ट फोटोग्राफी के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1972 में पद्मश्री से सम्मानित किया।
  • लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (2017): सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B) द्वारा सम्मानित।

अभ्यास प्रश्नोत्तरी

1. हाल ही में चर्चा में रहे 'रघु राय' का संबंध किस क्षेत्र से था?

[A] साहित्य
[B] पर्यावरण संरक्षण
[C] फोटो पत्रकारिता (Photojournalism)
[D] खेल

Correct Answer: फोटो पत्रकारिता (Photojournalism)
Notes: रघु राय भारत के एक अग्रणी और विश्व प्रसिद्ध फोटो जर्नलिस्ट थे। उनका 26 अप्रैल 2026 को 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें आजाद भारत का 'विजुअल रिकॉर्ड' (फोटो कथाकार) भी कहा जाता है।
2. रघु राय को किस ऐतिहासिक घटना के फोटोग्राफी कवरेज के लिए वर्ष 1972 में भारत सरकार द्वारा 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था?

[A] 1984 भोपाल गैस त्रासदी
[B] 1971 बांग्लादेश मुक्ति संग्राम (शरणार्थी संकट)
[C] 1962 भारत-चीन युद्ध
[D] आपातकाल का दौर

Correct Answer: 1971 बांग्लादेश मुक्ति संग्राम (शरणार्थी संकट)
Notes: 1971 में बांग्लादेश युद्ध के दौरान भारत आए शरणार्थियों की चिंता, बेचैनी और बेबसी को अपने कैमरे में कैद करने के लिए रघु राय को 1972 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
3. विश्व प्रसिद्ध तस्वीर 'बरियल ऑफ एन अननोन चाइल्ड' (एक अज्ञात बच्चे को दफनाते हुए), जो कि 1984 की एक बड़ी त्रासदी का प्रतीक बन गई, किसके द्वारा खींची गई थी?

[A] हेनरी कार्टियर-ब्रेसन
[B] डब्बू रत्नानी
[C] रघु राय
[D] होमई व्यारावाला

Correct Answer: रघु राय
Notes: यह तस्वीर 2 दिसंबर 1984 को हुई भोपाल गैस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर है, जो रघु राय ने खींची थी। यह तस्वीर आज भी इस भयानक औद्योगिक गैस त्रासदी के दर्द को दुनिया के सामने बयां करती है।
4. प्रसिद्ध फोटो पत्रकार रघु राय द्वारा 'दलाई लामा' के जीवन और निर्वासन पर लिखी गई पुस्तक का क्या नाम है?

[A] द सिख्स
[B] रघु राय की दिल्ली
[C] अ गॉड इन एग्जाइल (A God in Exile)
[D] भारत की आत्मा

Correct Answer: अ गॉड इन एग्जाइल (A God in Exile)
Notes: रघु राय दलाई लामा के काफी करीब रहे। उन्होंने करीब 4 दशक तक दलाई लामा की तस्वीरें लीं और उनके जीवन के शांति और निर्वासन के दर्द को दर्शाते हुए 'अ गॉड इन एग्जाइल' नामक पुस्तक लिखी।