Chronology Team
Published: Jan 21 | Updated: Jan 21

जनवरी 2026 को ‘Dezan Shira & Associates’ द्वारा एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स 2026 जारी किया गया। इस सूचकांक में एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की विनिर्माण क्षमता, लागत और बुनियादी ढांचे का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने लगातार तीसरे वर्ष अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जबकि मलेशिया ने वियतनाम को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल किया है, जो सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों का संकेत है।

सूचकांक के मुख्य निष्कर्ष

  • जारीकर्ता संस्था: Dezan Shira & Associates.
  • उद्देश्य: 11 प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की विनिर्माण प्रतिस्पर्धा का तुलनात्मक विश्लेषण करना।

एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स 2026: देशों की रैंकिंग 

रैंक  देश मुख्य जानकारी और स्थिति
1 चीन लगातार तीसरे वर्ष शीर्ष पर। विशाल औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, गहरी एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी गहराई के कारण बढ़त बनाए हुए है।
2 मलेशिया पहली बार दूसरे स्थान पर पहुँचा। उच्च-तकनीकी इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र और बेहतर नीति सुधारों के कारण वियतनाम को पीछे छोड़ दिया।
3 वियतनाम पिछले वर्ष से एक पायदान गिरकर तीसरे स्थान पर। हालांकि इसकी बुनियादी विनिर्माण क्षमताएं अभी भी बहुत मजबूत बनी हुई हैं।
4 सिंगापुर विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सुधार करते हुए चौथे स्थान पर पहुँचा। उच्च-मूल्य वाले और उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing) में अग्रणी।
5 दक्षिण कोरिया रैंकिंग में एक पायदान नीचे खिसका। नवाचार में मजबूत होने के बावजूद क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा के कारण 5वें स्थान पर आ गया।
6 भारत छठे स्थान पर स्थिर। वर्कफोर्स (कार्यबल) में पहले स्थान पर है, लेकिन बुनियादी ढांचे, कर नीतियों और प्रशासनिक जटिलताओं में सुधार की आवश्यकता है।
7 इंडोनेशिया सातवें स्थान पर स्थिर। यहाँ निरंतर नीतिगत दिशा और स्थिर दीर्घकालिक औद्योगिक विकास देखा गया है।
8 थाईलैंड सबसे बड़ा सुधार दिखाते हुए 10वें (2025) से 8वें स्थान पर पहुँचा। औद्योगिक नीतियों और बुनियादी ढांचे में निवेश ने इसे गति दी।
9 जापान रैंकिंग में मामूली गिरावट के साथ नौवें स्थान पर। स्थिर लेकिन अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार की स्थिति।
10 फिलीपींस दसवें स्थान पर खिसका। क्षेत्रीय विनिर्माण प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए संघर्षरत है।
11 बांग्लादेश अंतिम (11वें) स्थान पर बना हुआ है।

भारत की स्थिति और चुनौतियाँ

  • इस सूचकांक में भारत छठे (6th) स्थान पर बना हुआ है।
  • भारत का विनिर्माण क्षेत्र घरेलू मांग और सरकारी प्रोत्साहन (जैसे PLI स्कीम्स) से प्रेरित है, लेकिन वैश्विक सप्लाई चेन में अभी भी चीन और आसियान (ASEAN) देशों से प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है।
  • भारत कोइंफ्रास्ट्रक्चर, टैक्स पॉलिसी, लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन में और सुधार की जरूरत बताई गई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास बड़ा घरेलू बाजार और वर्कफोर्स है, परपॉलिसी स्थिरता और तेज निष्पादन की कमी है।

सूचकांक के मुख्य मापदंड

  • इस सूचकांक में देशों का मूल्यांकन 8 प्रमुख स्तंभों और 43 उप-मापदंडों के आधार पर किया गया है:
    • अर्थव्यवस्था (Economy)
    • राजनीतिक जोखिम (Political Risk)
    • व्यावसायिक वातावरण (Business Environment)
    • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार (International Trade)
    • कर नीति (Tax Policy)
    • बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
    • कार्यबल (Workforce)
    • नवाचार (Innovation)s

प्रमुख रुझान

  • रिपोर्ट बताती है कि विनिर्माण के लिए अब कोई “एकल सर्वश्रेष्ठ” (Single Best) गंतव्य नहीं है। कंपनियों को लागत, जोखिम और तकनीक के आधार पर अलग-अलग देशों का चुनाव करना पड़ रहा है।
  • सेमीकंडक्टर उद्योग: मलेशिया का उदय वैश्विक स्तर पर एआई (AI) और चिप्स की मांग बढ़ने के कारण हुआ है।

अभ्यास प्रश्नोत्तरी

  • प्रश्न: हाल ही में जारी एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स 2026′ में किस देश ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है?

उत्तर: चीन

  • प्रश्न: ‘एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स 2026′ में भारत को कौन सा स्थान मिला है?

उत्तर: छठा (6th)

  • प्रश्न: इस वर्ष के सूचकांक में किस देश ने वियतनाम को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल किया है?

उत्तर: मलेशिया

  • प्रश्न: ‘एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्सकिस संस्था द्वारा जारी किया जाता है?

उत्तर: देजान शिरा एंड एसोसिएट्स

  • प्रश्न: सूचकांक के अनुसार, मलेशिया की रैंकिंग में सुधार का मुख्य कारण किस क्षेत्र में उसकी मजबूती है?

उत्तर: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स

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