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Published: Jan 14 | Updated: Jan 14

बॉम्बे हाईकोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस रेवती मोहिते डेरे (Justice Revati Mohite Dere) ने 10 जनवरी, 2026 को मेघालय उच्च न्यायालय (Meghalaya High Court) के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के रूप में शपथ ली है। उन्होंने जस्टिस सौमेन सेन का स्थान लिया है। मेघालय, जो अपनी मातृसत्तात्मक सामाजिक संरचना (matrilineal society) के लिए जाना जाता है, के लिए यह एक महत्वपूर्ण नियुक्ति मानी जा रही है क्योंकि वह इस उच्च न्यायालय का नेतृत्व करने वाली दूसरी महिला न्यायाधीश हैं।

नियुक्ति और शपथ ग्रहण

  • पद: मुख्य न्यायाधीश, मेघालय उच्च न्यायालय (15वीं मुख्य न्यायाधीश)।
  • शपथ ग्रहण तिथि: 10 जनवरी, 2026।
  • शपथ किसने दिलाई: मेघालय के राज्यपाल सी.एच. विजयशंकर (H. Vijayashankar) ने शिलांग स्थित राजभवन (लोक भवन) के दरबार हॉल में उन्हें पद की शपथ दिलाई।
  • नियुक्ति प्रक्रिया: उनकी नियुक्ति की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम (CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता में) ने 18 दिसंबर, 2025 को की थी और केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2026 को अधिसूचना जारी की।
  • पूर्ववर्ती: उन्होंने जस्टिस सौमेन सेन का स्थान लिया, जिनका तबादला केरल उच्च न्यायालय में किया गया है।

ऐतिहासिक महत्व

  • दूसरी महिला मुख्य न्यायाधीश: जस्टिस डेरे मेघालय उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश बनने वाली दूसरी महिला हैं। इनसे पहले जस्टिस टी. मीना कुमारी (2013) इस पद पर रह चुकी हैं।
  • बॉम्बे हाई कोर्ट का प्रतिनिधित्व: वह बॉम्बे हाई कोर्ट से मेघालय हाई कोर्ट का नेतृत्व करने वाली पहली महिला हैं।

परिचय और न्यायिक करियर

  • शिक्षा: उन्होंने पुणे के सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री ली और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (यूके) से एलएल.एम. (M.) किया है।
  • करियर: वह 2013 में बॉम्बे उच्च न्यायालय की अतिरिक्त न्यायाधीश और 2016 में स्थायी न्यायाधीश बनीं। इससे पहले उन्होंने सरकारी वकील (Public Prosecutor) के रूप में भी कार्य किया।

प्रमुख फैसले

  • हाजी अली दरगाह: 2016 में उस पीठ का हिस्सा थीं जिसने महिलाओं को मुंबई की हाजी अली दरगाह के गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी।
  • प्रेस की स्वतंत्रता: सोहराबुद्दीन शेख मामले में मीडिया रिपोर्टिंग पर लगी रोक (gag order) को हटाया और कहा कि “प्रेस समाज का सबसे शक्तिशाली प्रहरी है”।
  • लैंगिक न्याय: शक्ति मिल्स गैंगरेप मामले में दोषियों की मौत की सजा बरकरार रखी।
  • विचारधारा: अपने विदाई भाषण में उन्होंने वकीलों से कहा कि उनका काम केवल कानून की व्याख्या करना नहीं है, बल्कि सत्ता के सामने सच बोलना” (Speak truth to power) और अन्याय को चुनौती देना है।

मेघालय उच्च न्यायालय के बारे में

  • स्थापना: मार्च 2013 (पूर्वोत्तर क्षेत्र पुनर्गठन अधिनियम, 1971 में संशोधन के बाद)।
  • सीट: शिलांग (Shillong)।
  • न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या: 4 (मुख्य न्यायाधीश सहित)।
  • पूर्व क्षेत्राधिकार: 2013 से पहले मेघालय गुवाहाटी उच्च न्यायालय (Gauhati High Court) के अधिकार क्षेत्र में आता था।

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