Chronology Team
Published: Oct 6 | Updated: Oct 8

  • भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने 5 और 6 अक्टूबर 2025 को चेन्नई तट पर राष्ट्रीय स्तर के प्रदूषण प्रतिक्रिया अभ्यास (NATPOLREX-X) के 10वें संस्करण का आयोजन किया। यह द्विवार्षिक अभ्यास 27वीं राष्ट्रीय तेल रिसाव आपदा आकस्मिकता योजना (National Oil Spill Disaster Contingency Plan – NOSDCP) और तैयारी बैठक के साथ आयोजित किया गया।
  • यह आयोजन समुद्री पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जो सतत विकास और पारिस्थितिक जिम्मेदारी के राष्ट्र के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

आयोजन और संचालन (Organization and Conduct)

  • आयोजक: भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG)।
  • आयोजन स्थल: चेन्नई (तमिलनाडु) के तट पर।
  • तिथि: 5 से 6 अक्टूबर, 2025।
  • अभ्यास का संस्करण: NATPOLREX (राष्ट्रीय प्रदूषण प्रतिक्रिया अभ्यास) का 10वां संस्करण (NATPOLREX-X)।
  • सह-आयोजन: यह अभ्यास 27वीं NOSDCP बैठक के संयोजन में आयोजित किया गया।

NOSDCP बैठक की मुख्य बातें (Key Details of the NOSDCP Meeting)

  • अध्यक्षता: राष्ट्रीय तेल रिसाव आपदा आकस्मिकता योजना (NOSDCP) के अध्यक्ष और भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक (Director General – ICG), परमेश शिवमणि, AVSM, PTM, TM ने 5 अक्टूबर को चेन्नई में 27वीं बैठक का उद्घाटन किया।
  • उद्देश्य: बैठक में बेहतर अंतर-एजेंसी समन्वय और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के माध्यम से तेल रिसाव प्रतिक्रिया की तैयारियों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
    • इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य समुद्री तेल रिसाव की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए भारत की राष्ट्रीय तैयारियों का मूल्यांकन और मजबूती करना है।
  • भागीदारी: बैठक में 100 से अधिक राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें मंत्रालयों, केंद्रीय और राज्य एजेंसियों, बंदरगाहों तथा तेल प्रबंधन संगठनों का प्रतिनिधित्व शामिल था।
  • अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति: 32 देशो के 40 अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने इस सत्र में भाग लिया।

NATPOLREX-X का महत्व (Significance of NATPOLREX-X)

  • प्रमुख लक्ष्य: इस प्रमुख अभ्यास का लक्ष्य समुद्री तेल रिसाव की घटनाओं के खिलाफ भारत की राष्ट्रीय तैयारियों का परीक्षण और मजबूती करना है।
  • यह NOSDCP ढाँचे के तहत अंतर-एजेंसी समन्वय का आकलन भी करेगा।
  • परिसंपत्तियों की तैनाती: अभ्यास के दौरान, ICG समुद्री प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष रूप से कॉन्फ़िगर किए गए जहाजों और विमानों सहित प्रदूषण प्रतिक्रिया परिसंपत्तियों की एक विस्तृत श्रृंखला तैनात करेगा।
  • रणनीति का प्रदर्शन: यह ड्रिल ICG की बहु-स्तरीय प्रतिक्रिया रणनीति को प्रदर्शित करेगी।
  • फोकस क्षेत्र: समुद्री पर्यावरणीय संरक्षण, परिचालन तैयारी, तकनीकी एकीकरण और सहयोगी समुद्री पर्यावरण प्रबंधन में नए मानदंड स्थापित करना।
  • सहयोग: यह अभ्यास राष्ट्रीय हितधारकों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के बीच परिचालन सहयोग में वृद्धि करेगा।

‘समुद्री पर्यावरण संरक्षण ट्रॉफी’ (Samudri Paryavaran Sanrakshan Trophy)

  • पुरस्कार: ICG द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के तहत पर्यावरण संरक्षण में अनुकरणीय योगदान के लिए दो ट्रॉफियाँ प्रदान की गईं।
  • प्राप्तकर्ता:
    • समुद्री पर्यावरण संरक्षण ट्रॉफी : न्यू मैंगलोर पोर्ट अथॉरिटी (NMPA)।
    • तेल उद्योग समुद्री पर्यावरण संरक्षण ट्रॉफी :ओएनजीसी (पश्चिमी अपतटीय) [ONGC (Western Offshore)]।

No quiz selected.