16 मार्च 2026 को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India – GSI) ने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्थित ऐतिहासिक ‘कालिंजर किले’ की पहाड़ी को राष्ट्रीयभू–विरासतस्थल (National Geo-Heritage Site) घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही यह उत्तर प्रदेश का पहला भू-विरासत स्थल बन गया है। यह मान्यता इस क्षेत्र की एक अत्यंत दुर्लभ भूवैज्ञानिक घटना “एपार्कियन अनकॉन्फ़ॉर्मिटी” (Eparchaean Unconformity) के कारण दी गई है, जो पृथ्वी के इतिहास में करोड़ों वर्षों के विकास को दर्शाती है।
स्थान: बांदा ज़िला, उत्तर प्रदेश, विंध्य पर्वत श्रेणी का हिस्सा।
एपार्कियनअनकॉन्फ़ॉर्मिटी: यह स्थल पृथ्वी के इतिहास में एक बहुत बड़े समय अंतराल (Time Gap) का अनूठा प्रमाण है।
चट्टानोंकीसंरचना: यहाँ लगभग 5 अरबवर्षपुरानीबुंदेलखंडग्रेनाइट चट्टान के ठीक ऊपर 1.2 अरबवर्षपुरानीकैमूरबलुआपत्थर (Sandstone) की परतें मौजूद हैं।
भौगोलिकस्थिति: कालिंजर दुर्ग विंध्य पर्वत श्रृंखला के अंत में एक अलग-थलग पहाड़ी पर स्थित है। इसके समीप केन नदी बहती है।
राष्ट्रीयभू–विरासतस्थलक्याहोतेहैं? ये वे स्थान हैं जिन्हें उनके असाधारण भूवैज्ञानिक, भू-आकृतिक और खनिज महत्व के कारण GSI द्वारा संरक्षित किया जाता है ताकि पृथ्वी के विकास का अध्ययन किया जा सके।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व:
चंदेलराजवंशकाउत्कर्ष: प्राचीन काल में यह किला चंदेल शासकों के अधीन सबसे अधिक प्रमुख रहा। चंदेल राजाओं ने ‘कालिंजराधिपति‘ की उपाधि धारण की थी।
शेरशाहसूरीकीमृत्यु: वर्ष 1545 में इसी कालिंजर किले की घेराबंदी के दौरान, अपनी ही तोप के फटने (बारूद विस्फोट) के कारण प्रसिद्ध अफगान शासक शेरशाहसूरीकीमृत्यु हो गई थी।
प्रमुखआक्रमण: इस अजेय माने जाने वाले किले पर 1023 ई. में महमूद गजनवी ने आक्रमण किया था। बाद में 1526 में बाबर और अंततः 1569 में मुग़ल सम्राट अकबर ने इसे जीता था।
नीलकंठमहादेवमंदिर: किले के अंदर स्थित यह मंदिर ऐतिहासिक और पौराणिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। इसका निर्माण चंदेल शासक परमादित्य देव ने करवाया था। मान्यता है कि समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को पीने के बाद भगवान शिव ने यहीं आकर काल पर विजय प्राप्त की थी।
विशेष संदर्भ: वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित झांकियों में उत्तर प्रदेश की झांकी का विषय कालिंजर किला ही रखा गया था।
अभ्यास प्रश्नोत्तरी
1.
हाल ही में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने किस ऐतिहासिक किले की पहाड़ी को 'राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल' (National Geo-Heritage Site) घोषित किया है?
[A] कुंभलगढ़ का किला [B] कालिंजर का किला [C] ग्वालियर का किला [D] रणथंभौर का किला
Correct Answer:
कालिंजर का किला Notes:
GSI ने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्थित कालिंजर किले की पहाड़ी को राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किया है। यह यूपी का पहला ऐसा स्थल है। इसे यह दर्जा यहाँ पाई जाने वाली दुर्लभ भूवैज्ञानिक संरचनाओं के कारण दिया गया है।
2.
कालिंजर दुर्ग में पाई जाने वाली 'एपार्कियन अनकॉन्फ़ॉर्मिटी' (Eparchaean Unconformity) संरचना का संबंध मुख्य रूप से किससे है?
[A] मुगलकालीन वास्तुकला की एक विशेष शैली से [B] 2.5 अरब वर्ष पुरानी ग्रेनाइट और 1.2 अरब वर्ष पुरानी सैंडस्टोन चट्टानों के बीच के ऐतिहासिक समय अंतराल से [C] विलुप्त हो चुकी डायनासोर की प्रजातियों के जीवाश्मों से [D] प्राचीन काल में जल संरक्षण की एक तकनीक से
Correct Answer:
2.5 अरब वर्ष पुरानी ग्रेनाइट और 1.2 अरब वर्ष पुरानी सैंडस्टोन चट्टानों के बीच के ऐतिहासिक समय अंतराल से Notes:
एपार्कियन अनकॉन्फ़ॉर्मिटी एक अत्यंत दुर्लभ भूवैज्ञानिक घटना है। कालिंजर में 2.5 अरब वर्ष पुरानी बुंदेलखंड ग्रेनाइट के ऊपर 1.2 अरब वर्ष पुरानी कैमूर बलुआ पत्थर की परतें मौजूद हैं, जो पृथ्वी के निर्माण और करोड़ों वर्षों के इतिहास का रिकॉर्ड प्रस्तुत करती हैं।
3.
भारतीय इतिहास के संदर्भ में कालिंजर का किला अत्यंत प्रसिद्ध रहा है। 1545 ई. में किस शासक की मृत्यु इस किले की घेराबंदी के दौरान बारूद के विस्फोट से हुई थी?
Correct Answer:
शेरशाह सूरी Notes:
वर्ष 1545 में कालिंजर किले पर आक्रमण के दौरान शेरशाह सूरी अपनी ही सेना की एक तोप (उक्का नामक आग्नेयास्त्र) से निकले गोले के बारूद में हुए विस्फोट के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई थी।
4.
कालिंजर दुर्ग के प्रसिद्ध 'नीलकंठ महादेव मंदिर' का निर्माण मुख्य रूप से किस राजवंश के समय में हुआ था?
Correct Answer:
चंदेल वंश Notes:
कालिंजर किला मध्यकाल में चंदेल राजाओं की शक्ति का प्रमुख केंद्र था। यहाँ स्थित प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर का निर्माण चंदेल शासक परमादित्य देव द्वारा करवाया गया था। पौराणिक मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय विषपान करने के बाद भगवान शिव इसी स्थान पर आए थे।