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Published: Feb 6 | Updated: Feb 6

राजस्थान ने महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) के क्रियान्वयन में राजस्थान ने जनवरी 2026 की मासिक राष्ट्रीय रैंकिंग में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इससे पूर्व, सितंबर 2025 में भी राजस्थान इस रैंकिंग में शीर्ष पर रहा था, जो राज्य में महिला कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

रैंकिंग और उपलब्धियां

  • शीर्ष स्थान: राजस्थान ने जनवरी 2026 की PMMVY मासिक राष्ट्रीय रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है।
  • निरंतरता: इससे पहले सितंबर 2025 की रैंकिंग में भी राजस्थान बड़े राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान पर था।
  • जनवरी 2026 की शीर्ष 5 राज्यों की सूची
रैंक राज्य
1 राजस्थान
2 कर्नाटक
3 असम
4 महाराष्ट्र
5 उत्तर प्रदेश
  • पोषण अभियान: राजस्थान ने ‘पोषण पखवाड़ा 2025’ में प्रथम और ‘पोषण माह 2025’ में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

योजना का क्रियान्वयन (राजस्थान के संदर्भ में)

  • नोडल विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान। (ICDS निदेशालय द्वारा संचालित)।
  • लाभार्थी: आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में इस योजना से 16 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं और 552 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की गई है।

अन्य राष्ट्रीय योजनाओं में राजस्थान का प्रदर्शन (2024-25)

  • वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्थान ने 11 राष्ट्रीय कार्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इनमें प्रमुख हैं:
    • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ 2025)।
    • पीएम कुसुम योजना (कंपोनेंट-ए) – सौर ऊर्जा क्षमता स्थापना में।
    • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 का आयोजन।
    • पीएम किसान लाभार्थियों की आईडी बनाने में।
    • लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम (LEADS 2024) में ‘बेस्ट परफॉर्मर’।

योजना के बारे में

  • पूरा नाम: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)।
  • उद्देश्य: गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार करना और मजदूरी के नुकसान की आंशिक भरपाई करना, ताकि वे प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम कर सकें।
  • लाभ: योजना के तहत पात्र लाभार्थी को ₹5,000 की नकद प्रोत्साहन राशि तीन किस्तों में दी जाती है:
    • पहली किस्त (₹1,000): गर्भावस्था के पंजीकरण पर (LMP तिथि से 150 दिनों के भीतर)।
    • दूसरी किस्त (₹2,000): कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) कराने पर (गर्भावस्था के 6 महीने बाद)।
    • तीसरी किस्त (₹2,000): बच्चे के जन्म पंजीकरण और टीकाकरण (BCG, OPV, DPT, Hepatitis B) का पहला चक्र पूरा होने पर।
  • पात्रता: यह लाभ परिवार के पहले जीवित बच्चे के लिए मिलता है। (नोट: सरकारी कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलता)।
  • जननी सुरक्षा योजना (JSY): पात्र महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए JSY का लाभ अलग से मिलता है, जिससे कुल लाभ औसतन ₹6,000 हो जाता है।

अभ्यास प्रश्नोत्तरी

1. PMMVY की जनवरी 2026 मासिक रैंकिंग में टॉप 5 राज्यों की सही क्रम सूची कौन सी है?

[A] राजस्थान, असम, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश
[B] राजस्थान, कर्नाटक, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश
[C] राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, उत्तर प्रदेश
[D] राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, असम, महाराष्ट्र

Correct Answer: राजस्थान, कर्नाटक, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश
Notes: जनवरी 2026 की PMMVY रैंकिंग के अनुसार राजस्थान प्रथम, कर्नाटक द्वितीय, असम तृतीय, महाराष्ट्र चतुर्थ और उत्तर प्रदेश पंचम स्थान पर रहे।
2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभार्थी को कुल कितनी नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है?

[A] ₹6,000
[B] ₹4,000
[C] ₹5,000
[D] ₹3,000

Correct Answer: ₹5,000
Notes: योजना के तहत विशिष्ट शर्तों को पूरा करने पर तीन किस्तों में कुल ₹5,000 की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक/डाकघर खाते (DBT) में भेजी जाती है। शेष राशि जननी सुरक्षा योजना (JSY) के अंतर्गत संस्थागत प्रसव पर मिलती है।
3. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत तीसरी किस्त (₹2,000) प्राप्त करने के लिए कौन सी शर्त अनिवार्य है?

[A] केवल गर्भावस्था का पंजीकरण
[B] बच्चे का जन्म पंजीकरण और टीकाकरण का पहला चक्र
[C] कम से कम दो प्रसव पूर्व जांच
[D] बच्चे का स्कूल में पंजीकरण

Correct Answer: बच्चे का जन्म पंजीकरण और टीकाकरण का पहला चक्र
Notes: तीसरी किस्त (₹2,000) का दावा करने के लिए बच्चे के जन्म का पंजीकरण और यह प्रमाण कि बच्चे ने बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी (या समतुल्य) का पहला टीका चक्र प्राप्त कर लिया है, आवश्यक है।