Lok Chand Gupta
Published: Aug 1 | Updated: Aug 11

  • हिमगिरि युद्धपोत (यार्ड 3022) को जीआरएसई, कोलकाता में 31 जुलाई, 2025 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया।
  • यह नीलगिरि श्रेणी (परियोजना 17ए) का तीसरा जहाज और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) में निर्मित इस श्रेणी का पहला पोत है।
  • प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट बहुमुखी बहु-मिशन युद्धपोत हैं, जिन्हें समुद्री इलाके में वर्तमान व भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
    • हिमगिरि पूर्ववर्ती आईएनएस हिमगिरि का नया अवतार है, जो एक लिएंडर श्रेणी का फ्रिगेट था, जिसे राष्ट्र के प्रति 30 वर्षों की शानदार सेवा के बाद 6 मई, 2005 को सेवामुक्त कर दिया गया था।

विशेषताएँ

  • इसे वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (डब्ल्यूडीबी) द्वारा तैयार किया गया है।
  • पी17ए फ्रिगेट स्वदेशी जहाज डिजाइन, स्टेल्थ, उत्तरजीविता और लड़ाकू क्षमता में एक पीढ़ी आगे हैं।
  • यह युद्धपोत सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, 76 मिमी गन, तथा 30 मिमी और 12.7 मिमी रैपिड-फायर क्लोज-इन हथियार प्रणालियों से लैस है।