Lok Chand Gupta
Published: Aug 8 | Updated: Aug 12

  • एमओयू: राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) और राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास समिति (RVJVVS) के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर 7 अगस्त, 2025 को हस्ताक्षर किए गए।
  • उद्देश्य : ‘राजीविका’ और ‘आरवीजेवीवीएस’ के मध्य यह सहयोग वनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करने और उन्हें वैकल्पिक, सतत और विविध आजीविका अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • यह समझौता विशेष रूप से ‘राजस्थान फॉरेस्ट एंड बायोडायवर्सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ (RFBDP) के अंतर्गत किया गया है, जिसे आरवीजेवीवीएस द्वारा राजस्थान वन विभाग के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
  • यह परियोजना एएफडी फ्रांस के सह-वित्तपोषण से वर्ष 2023-24 से 2030-31 तक राजस्थान के 13 जिलों के 800 गांवों में लागू की जा रही है।
  • परियोजना के तहत 1200 स्वयं सहायता समूहों का गठन व सशक्तिकरण किया जाएगा, जिन्हें आगे ग्राम संगठन (VO) व संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) के रूप में संगठित किया जाएगा।
    • परियोजना का उद्देश्य वनों पर निर्भर समुदायों को वैकल्पिक आजीविका के साधनों से जोड़ना है।
  • विशेष : राजीविका राज्य सरकार की प्रमुख नोडल एजेंसी है, जो अब तक प्रदेश में 4.20 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन कर चुकी है और लगभग 50 लाख ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
    • राजीविका स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय संस्थानों, सरकारी योजनाओं और आय सृजन गतिविधियों से जोड़ती है।