भारतीय रेलवे ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए 9 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन भारतीय रेलवे के इतिहास में कई बड़े बदलावों और उपलब्धियों का गवाह बना।
पुरस्कार समारोह का विवरण
- पुरस्कार का नाम: 70वाँ अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (AVRSP) – 2025।
- प्रदानकर्ता: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव।
- उपस्थिति: रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह, साथ ही रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ सतीश कुमार उपस्थित रहे।
विजेताओं की सूची (पुरस्कार और शील्ड)
- व्यक्तिगत पुरस्कार: उत्कृष्ट कार्य के लिए 100 रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
- संस्थागत पुरस्कार: विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 रेलवे जोनों को ‘शील्ड‘ प्रदान की गई।
पुरस्कार की प्रमुख श्रेणियाँ
अधिकारियों का चयन मुख्य रूप से इन सात श्रेणियों में उनके योगदान के आधार पर किया गया:
- नवाचार (Innovation): कार्यक्षमता बढ़ाने वाले नए तरीके।
- साहस और निस्वार्थ सेवा: यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत जोखिम उठाना।
- परिचालन उत्कृष्टता: सुरक्षा और संपत्ति का रखरखाव।
- राजस्व वृद्धि: टिकट रहित यात्रा और चोरी को रोकने के प्रयास।
- बुनियादी ढांचा: रिकॉर्ड समय में परियोजनाओं को पूरा करना।
ऐतिहासिक निर्णय: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समारोह के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की:
- ब्लैक प्रिंस कोट का अंत: ब्रिटिश काल से चले आ रहे ‘ब्लैक प्रिंस कोट‘ (बंदगला कोट) को अब रेलवे के औपचारिक ड्रेस कोड से हटा दिया गया है।
- सरकार का लक्ष्य सभी सरकारी संस्थानों से औपनिवेशिक प्रतीकों को हटाकर भारतीय संस्कृति के अनुरूप बदलाव लाना है।
अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां
- विद्युतीकरण के 100 वर्ष: भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण के 100 साल पूरे होने के अवसर पर एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया।
- विशिष्ट मिशन: उन कर्मचारियों को भी पहचाना गया जिन्होंने महाकुंभ के दौरान सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ के दौरान सेवाएं बनाए रखीं।
पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रमुख व्यक्ति
समारोह में कुल 100 रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इनमें से कुछ प्रमुख नाम और उनके योगदान इस प्रकार हैं:
- श्री उचित सिंघल (Shri Uchit Singhal): ये जम्मू संभाग के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक ( DCM) हैं। इन्हें वर्ष 2025 के दौरान जम्मू संभाग में वाणिज्यिक और यात्री सेवाओं में अभूतपूर्व नवाचार (Innovations) और सुधार के लिए सम्मानित किया गया।
- श्री एस. श्रीनिवास राव (Shri S. Srinivas Rao): ये पूर्व तट रेलवे (East Coast Railway) में उप मुख्य सिग्नल और दूरसंचार इंजीनियर हैं। इन्हें उनकी अनुकरणीय सेवा के लिए पुरस्कार मिला।
- श्री सकल देव राणा (Shri Sakal Deo Rana): ये पूर्व तट रेलवे में लोको पायलट (माल-विद्युत) के पद पर तैनात हैं।
- श्री अमित रोहिदास (Shri Amit Rohidas): इन्हें खेल श्रेणी (Sports category) में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। ये पूर्व तट रेलवे में सहायक खेल अधिकारी हैं।
श्रेणी-वार विजेताओं का विवरण
- नवाचार और प्रक्रिया सुधार: 17 अधिकारी (कार्यकुशलता बढ़ाने और खर्च कम करने के लिए)।
- साहस और निस्वार्थ सेवा: 22 कर्मचारी (यात्रियों और रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत जोखिम उठाने के लिए)।
- राजस्व वृद्धि और सतर्कता: 14 अधिकारी (बिना टिकट यात्रा और चोरी रोकने के प्रयासों के लिए)।
- परिचालन उत्कृष्टता और सुरक्षा: 19 कर्मचारी (सुरक्षा और रखरखाव के लिए)।
- बुनियादी ढांचा परियोजनाएं: 16 विजेता (रिकॉर्ड समय में बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए)।
- खेल: 2 खिलाड़ी (राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरव बढ़ाने के लिए)।
- अन्य कार्य: 10 कर्मचारी (विभिन्न कार्यात्मक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए)।
संस्थागत पुरस्कार (Shields to Railway Zones)
व्यक्तिगत पुरस्कारों के अलावा, बेहतर प्रदर्शन करने वाले 26 रेलवे जोनों को ‘शील्ड‘ प्रदान की गई।
- पूर्व तट रेलवे (East Coast Railway): इसे प्रतिष्ठित ‘कोचिंग मेंटेनेंस शील्ड‘ (Coaching Maintenance Shield) से सम्मानित किया गया।
विशेष तथ्य: इन पुरस्कारों में उन कर्मचारियों को भी पहचान मिली जिन्होंने महाकुंभ के दौरान सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कठिन समय में अपनी सेवाएं दीं।
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