Chronology Team
Published: Apr 13 | Updated: Apr 13

Rajasthan Current Affairs 2026: अप्रैल 2026 में भारतीय सेना ने राजस्थान के जैसलमेर (Jaisalmer) जिले में स्थित पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में एक बड़े पैमाने पर मारक क्षमता अभ्यास ‘ब्रह्मास्त्र’ (Exercise Brahmastra) का सफलतापूर्वक आयोजन किया है।

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य (Main Objective of the Exercise)

इस युद्धाभ्यास का प्राथमिक लक्ष्य वायु-भूमि एकीकरण (Air-Land Integration) पर ध्यान केंद्रित करना था। इसके अन्य प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • नेटवर्ककेंद्रित युद्ध प्रणाली (Network-Centric Warfare): आधुनिक तकनीक और रियल-टाइम डेटा साझा करने की क्षमता को परखना।
  • सटीक हवाई हमले: सटीक हवाई हमलों और मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन करना।
  • निर्बाध तालमेल: जमीनी सैनिकों और हवाई सैन्य उपकरणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

अहम हथियार और हेलीकॉप्टर्स का प्रदर्शन (Key Weapons & Assets)

अभ्यास ‘ब्रह्मास्त्र’ के दौरान भारतीय सेना ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग किया:

  • अपाचे हेलीकॉप्टर (AH-64E Apache): इसे दुनिया का सबसे उन्नत मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसे हवा का टैंक‘ (Flying Tank) या टैंक किलर के नाम से भी जाना जाता है।
  • हेलफायर मिसाइल (Hellfire Missile): युद्धाभ्यास के दौरान अपाचे से अमेरिका निर्मित AGM-114 हेलफायर मिसाइल, 70 मिमी हाइड्रा रॉकेट और 30 मिमी M230 चेन गन का सफल उपयोग किया गया।
  • स्वदेशी प्रचंड‘ (Prachand): यह एचएएल (HAL) द्वारा निर्मित भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) है।
  • रुद्र और ध्रुव: अभ्यास में स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव और उसके हथियारबंद संस्करण रुद्र को भी परखा गया, जो सेना के लिए फोर्स मल्टीप्लायर साबित हुए।
  • ड्रोन किलर सिस्टम: आधुनिक रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट गन से दुश्मन के ड्रोन को सेकंडों में मार गिराने का सफल अभ्यास किया गया।

पोखरण का ऐतिहासिक महत्व (Static GK: Historical Significance of Pokhran)

पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज का सामरिक महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यहाँ भारत ने अपने दोनों ऐतिहासिक परमाणु परीक्षण किए थे:

  • पहला परमाणु परीक्षण: 18 मई 1974 (कोड नाम: स्माइलिंग बुद्धा – Smiling Buddha)।
  • दूसरा परमाणु परीक्षण: 11-13 मई 1998 (कोड नाम: ऑपरेशन शक्ति / पोखरण-II)।

अभ्यास प्रश्नोत्तरी

1. हाल ही में भारतीय सेना द्वारा 'अभ्यास ब्रह्मास्त्र' का आयोजन राजस्थान के किस स्थान पर किया गया?

[A] महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, बीकानेर
[B] पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर
[C] बाड़मेर
[D] सूरतगढ़

Correct Answer: पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर
Notes: अप्रैल 2026 में भारतीय सेना ने 'ब्रह्मास्त्र' अभ्यास राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया।
2. 'अभ्यास ब्रह्मास्त्र' में प्रदर्शित AH-64E 'अपाचे' (Apache) हेलीकॉप्टर मूल रूप से किस देश की कंपनी द्वारा विकसित किया गया है?

[A] रूस
[B] फ्रांस
[C] संयुक्त राज्य अमेरिका
[D] इज़राइल

Correct Answer: संयुक्त राज्य अमेरिका
Notes: AH-64E अपाचे एक अत्यंत उन्नत बहुउद्देश्यीय मारक हेलीकॉप्टर है, जिसे मूल रूप से अमेरिका की 'बोइंग' (Boeing) कंपनी द्वारा विकसित किया गया है।
3. भारतीय सेना प्रमुख ने अभ्यास के दौरान किस स्वदेशी 'हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर' (LCH) में उड़ान भरी, जो भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रतीक है?

[A] चीता
[B] प्रचंड
[C] चेतक
[D] रुद्र

Correct Answer: प्रचंड
Notes: यह हेलीकॉप्टर उच्च ऊंचाई वाले युद्ध के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है।
4. अपाचे हेलीकॉप्टर से दागी गई वह कौन सी अत्याधुनिक मिसाइल है जिसका उपयोग 'अभ्यास ब्रह्मास्त्र' में सटीक मारक क्षमता (Precision Strike) दिखाने के लिए किया गया?

[A] ब्रह्मोस
[B] नाग मिसाइल
[C] अस्त्र मिसाइल
[D] हेलफायर (Hellfire) मिसाइल

Correct Answer: हेलफायर (Hellfire) मिसाइल
Notes: इस अभ्यास में अपाचे हेलीकॉप्टर ने AGM-114 हेलफायर मिसाइलों का उपयोग किया, जो एक लेज़र-गाइडेड हवा-से-ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइल है।
5. राजस्थान का 'पोखरण' सैन्य अभ्यासों के अलावा ऐतिहासिक रूप से किस प्रमुख घटना के लिए विश्व विख्यात है?

[A] भारत के पहले सैटेलाइट लॉन्च के लिए
[B] 1974 और 1998 में हुए भारत के परमाणु परीक्षणों के लिए
[C] एशिया के सबसे बड़े सोलर पार्क के लिए
[D] इनमें से कोई नहीं

Correct Answer: 1974 और 1998 में हुए भारत के परमाणु परीक्षणों के लिए
Notes: पोखरण अपनी सामरिक महत्ता के लिए जाना जाता है। यहाँ भारत ने 1974 में अपना पहला परमाणु परीक्षण (स्माइलिंग बुद्धा) और 1998 में दूसरा परीक्षण (ऑपरेशन शक्ति) किया था।